एक छोटे से शहर में आरव नाम का एक बच्चा रहता था। वह पाँचवीं कक्षा में पढ़ता था और बहुत मेहनती था, लेकिन गणित से उसे थोड़ा डर लगता था। एक दिन स्कूल जाते समय उसे रास्ते में एक सुंदर पेंसिल बॉक्स मिला। बॉक्स खोलकर देखा तो उसमें एक चमकदार पेंसिल और एक पर्ची थी। पर्ची पर लिखा था:
“यह जादुई पेंसिल है, लेकिन यह सिर्फ ईमानदार बच्चों के लिए काम करती है।”
आरव सोच में पड़ गया। वह पेंसिल अपने पास रख सकता था, लेकिन फिर उसे याद आया कि टीचर हमेशा ईमानदारी की बात करती हैं। उसने स्कूल में जाकर सबको बताया कि उसे पेंसिल बॉक्स मिला है।
थोड़ी देर बाद राहुल नाम का बच्चा रोता हुआ आया और बोला, “मेरा पेंसिल बॉक्स खो गया है।” टीचर ने आरव से बॉक्स दिखाने को कहा। राहुल ने खुशी से कहा, “यही मेरा है!”
टीचर ने आरव की तारीफ़ की और उसे शाबाशी दी।
अगले दिन गणित की परीक्षा थी। आरव ने पढ़ाई की, लेकिन फिर भी थोड़ा डर रहा था। उसने वही चमकदार पेंसिल निकाली और सवाल हल करने लगा। हैरानी की बात यह थी कि जो सवाल उसे मुश्किल लगते थे, वे अब आसान लगने लगे। आरव ने पूरे पेपर अच्छे से हल कर लिया।
परीक्षा के बाद पेंसिल गायब हो गई और सिर्फ वही पर्ची बची, जिस पर अब लिखा था:
“ईमानदारी सबसे बड़ा जादू है।”
आरव समझ गया कि असली जादू पेंसिल में नहीं, बल्कि उसकी ईमानदारी और मेहनत में था। उस दिन के बाद वह बिना डर के पढ़ाई करने लगा।
सीख:
ईमानदारी और मेहनत से हर मुश्किल आसान हो जाती है 🌟
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